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कवि शब्द के रूप संस्कृत में

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कवि शब्द के रूप | इकारान्त पुल्लिंग ‘कवि’ शब्द | संस्कृत में कवि के शब्दरुप

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Contents
  • कवि शब्द के रूप | इकारान्त पुल्लिंग ‘कवि’ शब्द | संस्कृत में कवि के शब्दरुप
    • कवि शब्द के रूप संस्कृत में

इस प्रकार ह्रस्व ‘इ’ पर समाप्त होने वाले सभी पुल्लिंग संज्ञा शब्द- हरि (विष्णु या किसी पुरुष का नाम), बह्नि (आग), यति, (संन्यासी), नृपति (राजा), भूपति (राजा), गणपति (गणेश), प्रजापति (ब्रह्मा), रवि (सूर्य), कपि (बन्दर), अग्नि (आग), मुनि, जलधि (समुद्र), ऋषि, गिरि (पहाड़), विधि (ब्रह्मा), मरीचि (किरण). सेनापति, धनपति (सेठ), विद्यापति (विद्वान्), असि (तलवार), शिवि (शिवि नाम का राजा), ययाति (ययाति नाम का राजा) और अरि (शत्रु) आदि के रूप चलते हैं।

विशेष- जिन शब्दों में र्, ऋ अथवा ष होता है, उनमें तृतीया एकवचन में व षष्ठी बहुवचन में ‘न्’ के स्थान पर ‘ण्’ हो जाता है। जैसे- हरि शब्द (रि में र होने के कारण) तृतीया एकवचन में ‘हरिणा’ होगा तथा षष्ठी बहुवचन में ‘हरीणाम्’ होगा किन्तु ‘कवि’ में र्, ऋ अथवा ष नहीं होने कारण ‘कविना’ तथा कवीनाम्’ ही हुए हैं।

इकारान्त पुल्लिंग ‘कवि‘ शब्दरुपम्

विभक्तिएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमाकवि:कवीकवय:
द्वितीयाकविम्कवीकवीन्
तृतीयाकविनाकविभ्याम्कविभि:
चतुर्थीकवयेकविभ्याम्कविभ्य:
पंचमीकवे:कविभ्याम्कविभ्य:
षष्ठीकवे:कव्यो:कवीनाम्
सप्तमीकवौकव्यो:कविषु
सम्बोधनहे कवे!हे कवी!हे कवय:!
कवि शब्द के रूप

इन्हे भी पढ़ें:-

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बालक अकारांत पुल्लिंग शब्दरुपम्

कवि शब्द के रूप संस्कृत में

कवि शब्द इकारांत पुल्लिंग शब्दरुपम् होते हैं जो सातों विभक्ति और कारकों में इसके रुप चलते हैं। कवि के समान हरि, रवि, मुनि, अग्नि, धनपति, विद्यापति,पति आदि के चलते हैं। पुरी जिनकारी के लिए नीचे लिंक पर क्लिक कर पढ़िए।

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