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Sanskrit Dhara Vahini > Sanskrit Vyakaran > शतृ प्रत्यय in Sanskrit | शतृ प्रत्यय के उदाहरण
Sanskrit Vyakaran

शतृ प्रत्यय in Sanskrit | शतृ प्रत्यय के उदाहरण

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2 Min Read
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शतृ प्रत्यय की परिभाषा | शतृ प्रत्यय संस्कृत में | शतृ प्रत्यय के 20 उदाहरण

शतृ प्रत्यय का प्रयोग वर्तमान काल का अर्थ प्रकट करने के लिए किया जाता है तथा परस्मैपदी धातुओं में शतृ प्रत्यय प्रयुक्त होता है। शतृ प्रत्यय में से शकार ‘श्’ व ऋकार ‘ऋ’ की इत्संज्ञा अर्थात लोप हो जाता है और ‘अत्’ शेष रहता है। इसके रुप तीनों लिंगों में चलते हैं।

Contents
  • शतृ प्रत्यय की परिभाषा | शतृ प्रत्यय संस्कृत में | शतृ प्रत्यय के 20 उदाहरण
    • पठ् शतृ से कौन शब्द बनेगा?

शतृ प्रत्यय का प्रयोग विशेषण की तरह किया जाता है। इसके रुप पुल्लिंग से हसन्, स्त्रीलिंग में हसन्ति,और नपुंसकलिंग में हसत् की भांति चलते हैं।

शतृ प्रत्यय

पहचान शतृ प्रत्यय

शतृ प्रत्ययपुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
पठ् + शतृपठन्पठन्तीपठत्

शतृ प्रत्यय के उदाहरण

प्रकृति:पुल्लिंगस्त्रीलिंग नपुंसकलिंग
पठ्+शतृपठन्पठन्तीपठत्
अस्+शतृसन्सतीसत्
लिख्+शतृलिखन्लिखन्तीलिखत्
पच्+शतृपचन्पचन्तीपचत्
दृश्+शतृपश्यन्पश्यन्तीपश्यत्
गम्+शतृगच्छन्गच्छन्तीगच्छत्
भू+शतृभवन्भवन्तीभवत्
मिल्+शतृमिलन्मिलन्तीमिलत्
नी+शतृनयन्नयन्तीनयत्
गण्+शतृगणयन्गणयन्तीगणयत्
चिन्त्+शतृचिन्तयन्चिन्तयन्तीचिन्तयत्
घ्रा+शतृजिघ्रम्जिघ्रन्तीजिघ्रत्
दा+शतृयच्छन्यच्छन्तीयच्छत्
नृत्+शतृनृत्यन्नृत्यन्तीनृत्यत्
पा+शतृपिबन्पिबन्तीपिबत्
लिख्+शतृपृच्छन्पृच्छन्तीपृच्छत्

👉 इन्हें भी पढ़ें

  • क्त्वा प्रत्यय
  • तुमुन् प्रत्यय
  • प्रत्ययज्ञानम्
  • कारक विभक्तिः
  • उपसर्ग प्रकरण
  • शब्दरुपाणि

पठ् शतृ से कौन शब्द बनेगा?

शतृ प्रत्यय से पठ्+शतृ = पठन्,पठन्ती और पठत् रुप बनता है। इसके तीनों लिंगों में रुप चलते हैं।

शतृ प्रत्यय की परिभाषा क्या है?

शतृ प्रत्यय का प्रयोग वर्तमान काल का अर्थ प्रकट करने के लिए किया जाता है तथा परस्मैपदी धातुओं में शतृ प्रत्यय प्रयुक्त होता है। शतृ प्रत्यय में से शकार ‘श्’ व ऋकार ‘ऋ’ की इत्संज्ञा अर्थात लोप हो जाता है और ‘अत्’ शेष रहता है। इसके रुप तीनों लिंगों में चलते हैं।

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